कोलकाता: CBI और मोदी सरकार के खिलाफ तीन दिनों से धरने पर बैठी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री अपना धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया। ममता बनर्जी ने कोर्ट के फैसले पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि न्यायालय के सकारात्मक फैसले के बाद धरना खत्म करने का निर्णय लिया हूं। इस मुद्दे को अगले हफ्ते दिल्ली में उठाऊंगी। उन्होंने कहा कि 13 से 14 फरवरी को दिल्ली में धरना दूंगी। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू कोलकाता पहुंचकर उनसे मुलाकात की और धरना खत्म करने की अपील की थी। नायडू ने कहा कि ममता विपक्ष की मजबूत स्तंभ हैं। वहीं शरद यादव ने भी ममता से धरना खत्म करने का आग्रह करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष आपके साथ है।
Mamata ends dharna
— ANI Digital (@ani_digital) February 5, 2019
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ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए केंद्र सरकार राज्य एजेंसियां समेत सभी एजेंसियों का इस्तेमाल करना चाहती है। अब आपका समय आ गया है कि आप दिल्ली से इस्तीफा देकर गुजरात वापस चले जाओ। ममता ने धरना स्थल से मोदी हटाओ देश बचाओ का नारा भी दिया।
West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee in Kolkata: They (Central govt) want to control all the agencies including the state agencies also? PM you resign from Delhi and go back to Gujarat. One man govt, one party government is there. pic.twitter.com/RckwAR0uUE
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सीबीआई पुलिस कमिश्नर के घर पर मारी थी छापा
गौरतलब है कि 3 फरवरी को शारदा चिटफंड घोटाले मामले पर सीबीआई की टीम कोलकाता पुलिस कमिश्नर के घर पर छापेमार कार्रवाई करने पहुंची थी। लेकिन कोलकाता पुलिस ने उन्हें रोक लिया था। साथ ही ममता बनर्जी पुलिस कमिश्नर के घर पर पहुंच गई थी और वहां से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर सीबीआई के इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गई थीं।
सीबीआई विवाद को लेकर धरने पर बैठी थीं ममता
सीबीआई और पुलिस कमिश्नर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को झटका देते हुए कहा कि राजीव कुमार सीबीआई के समक्ष पेश हो। राजीव कुमार शिलांग में सीबीआई अधिकारी के पास उपस्थित होकर चिटफंड घोटाले से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराए। बता दें कि शरदा चिटफंड मामले में एसआईटी गठित की गई थी। राजीव कुमार एसआईटी को नेतृत्व कर रहे थे। सीबीआई कई समन जारी कर चुकी थी। लेकिन सीबीआई के सामने राजीव कुमार पेश नहीं हो रहे थे। उसके बाद 3 फरवरी को सीबीआई कोलकाता पुलिस कमिश्नर के घर पहुंची थी। लेकिन सीबीआई अधिकारियों को पूछताछ के लिए रोक दिया गया।
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