साल 1991 में इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को जीत मिली. इस चुनाव में कांग्रेस के मांगेराम गुप्ता को 35,346 और जनता पार्टी के टेकराम को 19,213 वोट मिले.

जींद को ‘जाटलैंड’ कहते हैं. ‘जाटलैंड’ इसलिए क्योंकि यहां जाट समुदाय की संख्या काफी ज्यादा है. हालांकि इस सीट का इतिहास ये रहा है कि 1972 के बाद यहां से कोई जाट विधायक नहीं बना. 90 के दशक से अब तक यहां नतीजे कैसे रहे हैं हम आपको बताने जा रहे हैं.
साल 1991 में इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को जीत मिली. इस चुनाव में कांग्रेस के मांगेराम गुप्ता को 35,346 और जनता पार्टी के टेकराम को 19,213 वोट मिले. साल 1996 में हरियाणा विकास पार्टी के बृजमोहन को 40,803 वोट और कांग्रेस के मांगेराम गुप्ता को 22,245 वोट मिले.
वहीं साल 2000 में यहां से मांगेराम गुप्ता फिर विधायक बने. इस चुनाव में कांग्रेस के मांगेराम गुप्ता को 41,621 और इनेलो के गुलशऩ लाल के पक्ष में 36,978 वोट पड़े. 2005 में भी कांग्रेस के मांगेराम गुप्ता को ही जीत नसीब हुई.. मांगेराम गुप्ता को 43,883 और इनेलो के सुरेंद्र सिंह को 26,448 वोट मिले.
साल 2009 के विधानसभा चुनाव में इनेलो के हरिचंद मिड्ढा को 34,057 वोट जबकि कांग्रेस के मांगेराम गुप्ता को 26,084 वोट मिले. साल 2014 में भी हरिचंद मिड्ढा दोबारा जींद से विधायक चुने गये. इनेलो के हरिचंद मिड्ढा को 31,631 और बीजेपी के सुरेंद्र सिंह बरवाला को 29,374 वोट मिले थे
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