नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरु (जेएनयू) 2016 के राजद्रोह मामले में दिल्ली के एक अदालत की फटकार के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को इस मामले में आरोप पत्र दाखिल करने में तीन साल से ज्यादा का समय लग है। ये एक गंभीर मामला है इसलिए हमारी सरकार अभी इसका गहनता से अध्ययन कर रही है।
दिल्ली पुलिस पर केजरीवाल ने दागे तीखे बाण
बुधवार को निचली अदालत में जेएनयू राजद्रोह मामले में सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि देशद्रोह मामले में कन्हैया कुमार और अन्य पर मुकदमा चलाने के लिए सरकार से आवश्यक मंजूरी मिलना अब भी बाकी है। इस मामले पर सवाल किए जाने पर सीएम केजरीवाल ने दिल्ली पुुलिस को आढ़े हाथों लिया है। पुलिस ने चुनाव नजदीक आता देख हड़बड़ी में बगैर पूरी तरह से तहकीकात के आरोप पत्र दाखिल किया है। उन्होंने इसके लिए सरकार की अनुमति तक नहीं ली। इसलिए इस मामला दिल्ली सरकार मामले अध्ययन कर रही है।
Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal on 2016 JNU sedition case: The case is being studied by the government Police took three years to file the chargesheet and filed it without permission ahead of elections so it raises many questions. pic.twitter.com/D8Nyxua0LS
— ANI (@ANI) February 7, 2019
मंजूरी के लिए पुलिस के पास 28 फरवरी तक का समय
बता दें कि मामले की जांच कर रही पुलिस ने बगैर दिल्ली सरकार से इजाजत लिए बगैर अदालत में राजद्रोह मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। जिसके बाद अदालत ने कहा कि बिना सरकार की अनुमति इसे मंजूर नहीं किया जा सकता है। बुधवार को पुलिस ने अदालत से कहा कि मंजूरी के लिए फाइल दिल्ली सरकार के पास लंबित है। इसपर अदालत ने पुलिस से कहा कि मुकदमा चलाने के लिए संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द मंजूरी देने को कहें। इसके बाद अदालत ने कन्हैया कुमार समेत अन्य पर मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली पुलिस को मंजूरी हासिल करने के लिए 28 फरवरी तक का समय दे दिया।
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