नई दिल्ली। हाल ही में सेना के खिलाफ महबूबा मुफ्ती के बयान पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पलटवार किया। इस बारे में मीडिया की ओर से यह पूछे जाने पर कि जिस तरह से महबूबा मुफ्ती आंतकवादियों के पक्ष में लगातार बयानबाजी कर रही हैं, क्या उससे भारतीय सेना का मनोबल नहीं गिरेगा। इस पर राज्यपाल मलिक ने कहा कि महबूबा मुफ्ती के बयानों को गंभीरता से लेने की जरुरत नहीं है और न ही उनके इस बयानबाजी से सुरक्षाबलों का मनोबल गिरने वाला है। उन्होंने कहा कि आये दिन इस तरह का बयान महबूबा देती रहती हैं। उनके बयानों को कश्मीर घाटी के लोग भी तवज्जो नहीं देते।
क्या कहा था महबूबा ने
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गत मंगलवार को तौसीफ का अस्पताल में जाकर कुशल क्षेम लिया और उसके साथ ही उन्होंने वहां मेजर शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा था कि मैं उम्मीद करती हूं कि राज्यपाल और कोर कमांडर इसका नोटिस लेंगे। मेजर शुक्ला से पूछताछ होगी। मैं कोर कमांडर से बात करूंगी और मेजर शुक्ला से जवाब मांग जाना चाहिए कि आखिर क्यों तौसीफ को पकड़कर आर्मी कैंप में पीटा गया। उन्होंने कहा कि अगर किसी फौजी के परिजनों के साथ ऐसा हो सकता है तो फिर आम क्श्मीरियों के साथ होने वाले अत्याचार की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
औरंगजेब की हत्या का आरोपी है तौसीफ
आपको बता दें कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले एक युवक तौसीफ वानी को गत सोमवार अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। बताया जा रहा है कि तौसीफ को सेना की 44 आरआर के मेजर शुक्ला ने पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित किया है। जबकि ऐसा नहीं है। तौसीफ का एक भाई सैन्यकर्मी है और राइफलमैन औरंगजेब की हत्या के सिलसिले में अपने दो अन्य साथियों संग कथित तौर पर सेना की हिरासत में है।
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