नई दिल्ली। कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सीबीआई को लेकर अचानक घमासान मच गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठी हैं। पूरा विपक्ष उनके समर्थन में हैं। इधर, केन्द्र सरकार ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगा रही है। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में इस तरह की घटना पहली बार हुई है। किसी जांच एजेंसी के साथ इस तरह का सलूक करना निंदनीय है। इसी बीच धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने भी बड़ा बयान दिया है।
ममता बनर्जी का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह सत्याग्रह किसी भी जांच एजेंसी के खिलाफ नहीं है। बल्कि, मोदी सरकार के खिलाफ है। ममता बनर्जी ने कहा कि हमारा यह धरना मोदी सरकार के अत्याचार के खिलाफ है। दरअसल, अब तक कहा जा रहा है कि सीबीआई के खिलाफ ममता बनर्जी ने मोर्चा खोल रखा है। क्योंकि, रविवार को सीबीआई की टीम शारदा चिट फंड मामले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से जब पूछताछ करने पहुंची तो पांच सीबीआई अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही सीबीआई दफ्तर में सीआरपीएफ और पुलिस का पहरा लगा दिया है। इसके बाद ममता बनर्जी धरने पर बैठ गईं।
चिट फंड मामले पर सियासी घमासानWest Bengal CM Mamata Banerjee: Our satyagraha is not against any agency, it is against Modi government's atrocities. pic.twitter.com/s8bUhp6BcC— ANI (@ANI) February 4, 2019
वहीं, सोमवार को मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने सीबीआई से सबूत लाने के लिए कहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर राजीव कुमार दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी कि वो भूल नहीं पाएंगे। इधर, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने गृह मंत्रालय को खुफिया रिपोर्ट भेज दी है। कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही सारे मामले का खुलासा हो जाएगा। लेकिन, रविवार से देश में सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्ता पक्ष इस पूरे मामले को लेकर ममता सरकार पर हमला बोल रही है। कोई ममता बनर्जी के इस निर्णय को सही ठहरा रहे हैं। तो कुछ लोग इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहे हैं।
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