नई दिल्ली। केंद्र में लोकपाल और महाराष्ट्र में लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे पिछले 5 दिनों से अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने मोदी सरकार को बड़ी चेतावनी दी है कि अनशन के बीच अन्ना ने रविवार को कहा कि अगर मोदी सरकार अपना वायदा पूरा नहीं करती तो वह अपना पद्म भूषण लौटा देंगे। वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन छेड़ने वाले अन्ना हजारे से सोमवार को मुलाकात की। अन्ना हजारे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज छठां दिन है। ठाकरे विभिन्न मनसे नेताओं के साथ, रालेगण-सिद्धि गांव पहुंचे, जहां बाबूराव उर्फ अन्ना हजारे 30 जनवरी से अनशन पर बैठे हैं।
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ठाकरे ने उनके प्रति मनसे का समर्थन जताया
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना (81) लोकपाल को लागू करने, सभी राज्यों में लोकायुक्त नियुक्त करने की मांग कर रहे हैं और किसानों के मुद्दों भी उठा रहे हैं। ठाकरे ने उनके प्रति मनसे का समर्थन जताया। उन्होंने उन कारणों की प्रशंसा की जिसके लिए हजारे अपनी जान की परवाह किए बिना आंदोलन चला रहे हैं। हजारे से मिलने के बाद ठाकरे ने मीडिया से कहा कि मैंने उन्हें अयोग्य पाखंडियों के लिए अपनी जान खतरे में नहीं डालने के लिए कहा है। हजारे के कारण मोदी सरकार सत्ता में आ पाई। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसी आश्वासन पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
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उनसे आंदोलन बंद करने की अपील
पिछले कुछ दिनों में हजारे का पांच किलोग्राम वजन कम हो गया है यद्यपि उनके शरीर के महत्वपूर्ण तंत्र सामान्य कार्य कर रहे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने सोमवार को उनसे आंदोलन बंद करने की अपील की थी। अन्ना ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने देश की जनता का विश्वास को तोड़ा है। आपको बता दें कि 81 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता को 1992 में तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया गया था।
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