नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में सीबीआइ और कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार का मामला गरमा गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार रात से ही धरना पर बैठी हैं। सोमवार सुबह को मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। इधर, ममता बनर्जी ने धरनास्थल पर ही काम शुरू कर दिया है। जरूरी फाइलों पर बनर्जी साइन कर रही हैं और सारा काम-काज निपटा रही हैं।
West Bengal: Visuals from 'Save the Constitution' dharna in Kolkata, as Chief Minister Mamata Banerjee goes through documents continuing her routine work as the CM. pic.twitter.com/C6pL18zw2D
— ANI (@ANI) February 4, 2019
चुनाव आयोग पहुंची भाजपा
धरनास्थल पर ही ममता ने अपने नियमित काम को जारी रखने के लिए दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। इसी बीच भाजपा ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अनिल बलूनी और मुकुल रॉय चुनाव आयोग पहुंचे हैं। वह पश्चिम बंगाल में ममता द्वारा रैलियां करने की इजाजत न देने के विरोध में आयोग गए हैं। इधर, पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त निदेशक इंटेलिजेंस ब्यूरो मनोज लाल ने राजभवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की।
लोकसभा में जमकर बरसे राजनाथ सिंह
इससे पहले केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस पूरे मामले पर लोकसभा में जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना देश के इतिहास में पहली बार हुई है। गृह मंत्री ने कहा कि चिटफंड घोटाले के आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। गृह मंत्री कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और इसी वजह से सीबीआई को कमिश्नर के घर जाना पड़ा। इस घोटाले में कई नामचीन और राजनीतिक लोगों के होने का पता चला है। उन्होंने कहा कि देश की कानूनी एजेंसियों के बीच ऐसा टकराव देश के फेडरल और राजनीतिक ढांचे के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि एजेंसियों को अगर काम करने से रोका जाएगा तो इससे अव्यवस्था पैदा होगी। केंद्र सरकार ने हमेशा राज्यों के अधिकार का सम्मान किया है, पुलिस राज्य का विषय है और राज्यों को भी केंद्र की एजेंसियों का सम्मान करना चाहिए।
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