गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने एक दिवसीय पूर्वोत्तर दौरे के दूसरे चरण में असम के गुवाहाटी पहुंचे और एक रैली को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान जमकर अपने विपक्षियों पर गरजे और कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत रत्न केवल कुछ ही लोगों के लिए आरक्षित था और कुछ लोगों को इस सम्मान के लिए दशकों तक देश की सेवा करने के बाद भी नहीं मिला। लेकिन अब मुझे गर्व है कि भाजपा जब सत्ता में आई तो भारत रत्न देने की प्रथा को बदला और गोपीनाथ बारदोलाई एवं भूपेन हजारिका को यह सम्मान मिला है। पीएम मोदी ने कांग्रेस व विपक्ष के कई आरोपों का भी जवाब दिया। साथ ही उनपर हमला भी किया। मोदी ने कहा कि देश आज देख रहा है कि चौकीदार की चौकसी से कैसे भ्रष्टाचारी बौखला हुए हैं और हर दिन नई गाली मोदी को देते रहते हैं। वहां तो एक ही मापदंड है, कौन मोदी को ज्यादा गाली दे सकता है, इसी का प्रतियोगिता चल रहा है। ये लोगों की एक ही पहचान है 'महामिलावट'।
PM in Assam: Desh dekh raha hai ki chowkidar ki chowksi se kaise bhrashtachari bokhlaye huye hain aur roz nai gali Modi ko dete rehte hai.Vaha to ek hi maapdand hai, kaun Modi ko zyada gali de sakta hai, isi ka competition chal raha hai. Ye logo ki ek hi pehchan hai 'mahamilavat' pic.twitter.com/OdUcvAnT9Y
— ANI (@ANI) February 9, 2019
PM in Assam: Bharat Ratna used to be reserved for some ppl the moment they were born, it used to take decades to honour ppl who spent their lives to bring honour to nation. I feel proud that during BJP govt we got chance to give Bharat Ratna to Gopinath Bordoloi & Bhupen Hazarika pic.twitter.com/BJFCOrD7c5
— ANI (@ANI) February 9, 2019
NRC के जरिए हर भारतवासी को उनका हक दिलाना है: मोदी
आपको बता दें कि एनआरसी के संबंध में भी पीएम मोदी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एनआरसी के जरिए हर भारतवासी को उसका हक दिलाना सरकार का दायित्व है। नागरिकता संशोधन का विषय सिर्फ असम या नॉर्थ ईस्ट से जुड़ा नहीं है, बल्कि देश के अनेक हिस्सों में मां भारती पर आस्था रखने वाली ऐसी संताने हैं, ऐसे लोग हैं जिनको अपनी जान बचाकर भारत आना पड़ा है। चाहे वो पाकिस्तान से आए हों, अफगानिस्तान से आए हों या फिर बांग्लादेश से, ये 1947 से पहले भारत का ही हिस्सा थे, जब आस्था के आधार पर देश का विभाजन हुआ। हमसे अलग हुए देशों में जो अल्पसंख्यक यानि हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध पारसी और ईसाई, वहां रह गए थे उनको संरक्षण देना हमारा दायित्व है। बता दें कि पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरूआत करते हुए कहा कि असम और उत्तर पूर्व के लोगों के साथ मेरा विशेष लगाव है। आपका स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जितना अधिकार आपका मुझ पर है, उतना ही दायित्व मेरा भी आपके प्रति है।
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