नई दिल्ली। कर्नाटक में जेडीएस के साथ गठबंधन कर सरकार में शामिल कांग्रेस में अब बगावत के सुर दिखने लगे हैं। जिसका नतीजा है कि पार्टी अब अपने ही विधायकों पर कानूनी कार्रवाई करने की मन बना रही है। दरअसल विधानसभा में 10 दिवसीय बजट सत्र के लिए व्हिप जारी होने के बाद भी चार विधायक नहीं पहुंचे हैं। जिसकी वजह से वे पार्टी के विधायक दल की बैठक में भाग नहीं ले सकें। अब कांग्रेस ने चारों बागी विधायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय किया है।
विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला
कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता सिद्धारमैया ने यहां कहा कि हमने उन चार विधायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है जिन्होंने सदन के बजट सत्र में शामिल होने के लिए पार्टी व्हिप की अवहेलना की और शुक्रवार को पार्टी की विशेष बैठक से नदारद रहने का निर्णय लिया।
बागी विधायकों ने दी अलग-अलग दलील
ये बागी विधायक रमेश जरखोली (गोकक), महेश कुमाथल्ली (अथानी), उमेश जाधव (चिनचोली) और बी. नगेंद्र (बेल्लारी) हैं। चारों ने हालांकि सिद्धारमैया के इस बाबत भेजे गए दूसरे नोटिस का जवाब दिया है। जिसमें जरखोली ने कहा वह शादी समारोह में शामिल होंगे। कुमाथल्ली ने कहा कि वह अस्वस्थ हैं। जाधव ने कहा वह पहले से व्यस्त हैं। नागेंद्र ने कहा वह निजी कार्य कर रहे हैं।
दल-बदल कानून के तहत होगी कानूनी कार्रवाई
सिद्धारमैया ने कहा कि चारों विधायकों ने मुझ पत्र लिखकर 15 फरवरी तक मौजूदा सत्र के दौरान सदन में शामिल नहीं होने को लेकर सूचित किया था। लेकिन सीएलपी का सर्वसम्मति से निर्णय यह है कि उनके खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जाए, उन्हें काफी मौके दिए जा चुके हैं। सिद्धारमैया ने कहा कि लेकिन, जब मैंने उन्हें निजी तौर पर मुलाकात करने और सीएलपी की बैठक में शामिल नहीं होने के बारे में बताने को कहा तो उन्होंने इसे अनुसना कर दिया और अबतक मुझसे नहीं मिले।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2TCzVHR
एक टिप्पणी भेजें