बीकानेर. जिले में स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर सोमवार को स्वास्थ्य निदेशालय जयपुर के संयुक्त निदेशक (ग्रामीण स्वास्थ्य एवं इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोजेक्ट) के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. सुनील सिंह जायजा लेने बीकानेर पहुंचे। वे दस दिन तक बीकानेर जिले का भ्रमण कर चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। डॉ. सिंह हर स्तर पर बैठकें व फील्ड विजिट कर स्वाइन फ्लू के लिए स्क्रीनिंग, पहचान, जांच व उपचार की माकूल व्यवस्था कराएंगे।
सोमवार को बीकानेर पहुंचने के कुछ ही देर बाद डॉ. सिंह ने स्वास्थ्य भवन में जिला व खण्डस्तरीय बैठकों में स्वाइन फ्लू की रोकथाम को लेकर संचालित गतिविधियों की समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक टेमी फ्लू दवा (ओसल्टामिविर) की उपलब्धता सुनिश्चित रखने, पीएचसी-सीएचसी पर आइसोलेशन वार्ड, आरआरटी का गठन व अलग स्क्रीनिंग व्यवस्था रखने, घर-घर सर्वे को क्रॉस चेक करने तथा बी केटेगरी के जुकाम पीडि़त मरीजों का नियमित फॉलो अप करने के निर्देश दिए। बीकानेर खण्ड स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने शिक्षा विभाग व रोडवेज के साथ सघन जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। पंचायत समिति बीकानेर प्रधान राधा देवी सियाग ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एएनएम के स्वास्थ्य केंद्र पर ठहराव को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अम्बासर उपस्वास्थ्य केंद्र में एएनएम की नियुक्ति के निर्देश भी बीसीएमओ को दिए।
एसडीएम बीकानेर मोनिका बलारा ने कहा कि राजकीय चिकित्साधिकारी सिर्फ मरीज देखने वाले चिकित्सक नहीं बल्कि अपने सेक्टर के स्वास्थ्य प्रभारी की भूमिका निभाएं और समस्त सेवाओं व योजनाओं की सघन मोनिटरिंग करें। उन्होंने राजश्री योजना के तहत बेटी की मां को होने वाले भुगतान में हो रही देरी के मुद्दे को भी उठाया और शत-प्रतिशत भुगतान के निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक बीकानेर जोन डॉ. एचएस बराड़ व सीएमएचओ डॉ. बीएल मीणा ने जिले में स्वाइन फ्लू की वस्तुस्थिति व रोकथाम के लिए जिला स्तर पर किए जा रहे प्रबंधन व गतिविधियों की जानकारी दी।बैठक में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र तनेजा, एपिडेमियोलोजिस्ट नीलम प्रताप सिंह, डीपीएम सुशील कुमार, आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य उपस्थित थे।
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