नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस प्रमुख एचडी देवेगौड़ा राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए संसद में भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मैंने राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर 57 साल राजनीति में बिताए हैं और यह लोकसभा में मेरा अंतिम भाषण है। इसके साथ ही देवगौड़ा ने कहा कि भाजपा नेताओं की इस बात को खारिज किया कि महागबंधन काम नहीं करेगा। इसलिए महागठबंधन का विरोध न करें। वाजपेयी ने गठबंधन वाली सरकार चलाई। अगर आपसी समझ हो तो महागठबंधन वाली सरकारें चल सकती है।
महागठबंधन काम करेगा
खुद का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कई पार्टियों को साथ लेकर बनी मेरी सरकार ने इस बाद को सिद्ध किया है महागठबंधन काम कर सकता है। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब 1996 में उन्हे प्रधानमंत्री बनाए जाने की बात आई तो वह बहुत इच्छुक नहीं थे क्योंकि यह सरकार कई पार्टियों को मिलाकर चलानी थी।
देश हित में लगाया कालाधन
अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि जब वर्ल्ड बैंक ने सहायता देने से मना कर दिया तो मेरी सरकार ने कालेधन को सरकार की योजनाओं को लिए प्रयोग करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि मैंने उस वक्त वॉलंटरी डिस्क्लोजर स्कीम का प्रस्ताव रखा था जिसे तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मना कर दिया।
1996-97 में बने थे पीएम
आपको बता दें कि देवेगौड़ा 1996 से 1997 के बीच भारत के पीएम रहे थे। उन्होंने कहा कि पीएम का प्रस्ताव पहले वीपी सिंह और सीपीएम नेता और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु को दिया गया था लेकिन उनके मना करने के बाद उनका नाम प्रधानमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया गया।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2Dh3yYu
एक टिप्पणी भेजें