लूणकरनसर. तहसील के चक एक बीएचएम में रविवार शाम किसानों ने पैंथर के पदचिन्ह देखे।चक एक बीएचएम के दिनेश मांझू ने बताया कि रविवार शाम करीब चारन् बजे बाद बिजली आने से बेगराज गोदारा ने खेत में फव्वारे चलाए तथा १०-१५ मिनट बाद बिजली जाने से फव्वारे बंद हो गए। इसके बाद शाम करीब ४.३० बजे बेगराज खेत में फव्वारों की लाइन देखने गया। इस दौरान फव्वारे के पानी की छींटों के ऊपर से गुजरे पैंथर के पदचिन्ह दिखाई दिए। इसके बाद चक के काश्तकार विनोद कुमार पूनियां व श्योप्रकाश सारस्वत को बुलाकर दिखाया गया तथा पहले देखे गए पदचिन्ह भी एक समान नजर आए। पैंथर के चक ३ बीएचडी से होकर चारणा वितरिका की तरफ चले गए लेकिन पैंथर दिखाई नहीं दिया।
पैंथर के पदचिन्ह दिखाई देने के बाद काश्तकारों ने वन विभाग के वनरक्षक विजयसिंह मीणा व अन्य कार्मिकों को फोन किया गया। लेकिन वन विभाग के कार्मिकों ने किसानों के फोन नहीं उठाए। किसानों ने बताया कि पैंथर को छुपने के लिए सरसों के खेत मददगार बने हुए है। खालों से या अन्य खाली जगहों से गुजरने से ही पदचिन्ह दिखाई दे रहे है। उधर वन विभाग के वनरक्षक विजयसिंह मीणा ने बताया कि रविवार को दिनभर टीम के सदस्यों ने जंगली जानवर की तलाश की। लेकिन कहीं भी पदचिन्ह नहीं दिखाए दिए।
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