बीकानेर. उप निवेशन विभाग के वरिष्ठ लिपिक पद से सेवानिवृत रणजीत सिंह सोढ़ा पिछले साढ़े छह साल से पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पेंशन शुरू नहीं हुई। इसी विभाग के मदन चौधरी की करीब सात महीने पहले मृत्यु हो गई, लेकिन अभी तक आश्रितों को पेंशन का लाभ नहीं मिला। रणजीत सिंह और मदन चौधरी जैसे एक दर्जन से अधिक उपनिवेशन विभाग के कर्मचारी है जो पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। इसमें कई नायब तहसीलदार, तहसीलदार, पटवारी के पद से सेवानिवृत हुए हैं। जिन लोगों की पेंशन रोकी हुई है, उनके विरूद्ध कोई विभागीय जांच भी लंबित नहीं है। इसके बावजूद उन्हें पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
नहीं हो रही सुनवाई
पेंशन के लिए चक्कर काट रहे सेवानिवृत कार्मिकों की मानें तो विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पेंशन की मांग करने पर बहानेबाजी कर रहे हैं। कभी कार्मिक नहीं होने तो कभी आयुक्त उपनिवेशन का पद रिक्त होने का कहकर टरकाते रहे है। इनमें कुछ प्रकरण एेसे भी हैं जिनके लिए न्यायालय ने भी पेंशन भुगतान के आदेश दे रखे है। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
इनको नहीं मिली पेंशन
नायब तहसीलदार पद से सेवानिवृत ईश्वर राम, शंकराराम, तहसीलदार भग्गाराम मेघवाल, रेंवताराम, पटवारी जगदीश शर्मा, गोविन्दराम, ईश्वर लाल सुथार, वरिष्ठ लिपिक मदन चौधरी, बली मोहम्मद, चतुर्थ श्रेणी कालूराम तथा वरिष्ठ लिपिक रणजीत सिंह सोढ़ा वर्ष २०१२ से २०१८ के बीच सेवानिवृत हुए हैं। परन्तु इन्हें पेंशन और सेवानिवृति के अन्य परिलाभ भी नहीं मिले। पेंशन से वंचित रणजीत सिंह सोढ़ा ने बाइपास सर्जरी करवा रखी है, इसके इकलौते बेटे के मानसिक विमंदित होने के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे है। सेवानिवृत कार्मिकों ने उप निवेशन विभाग के राज्यमंत्री भंवर ङ्क्षसह भाटी, संभागीय आयुक्त और जिला कलक्टर को परिवाद दिए हंै।
तलब की फाइलें
पेंशन से वंचित सेवानिवृत कार्मिकों का एक प्रतिनिधि मिला था। उपनिवेशन से इनकी फाइलों को मंगवा लिया है। कुछ फाइलों में कमियां है, उन्हें शीघ्र दूर कर पेंशन शुरू करने के लिए निर्देशित किया है। यथाशीघ्र कार्मिकों की पेंशन शुरू हो जाएगी।
कुमार पाल गौतम, जिला कलक्टर बीकानेर
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