मनमौहक प्रस्तूतियो से सराबोर हुए श्रोता...
किसी ने गांधी बन दिया शांती का संदेश तो कोई भगत सिंह बनकर दिया देश प्रेम का संदेश..
थाना प्रभारी दिनेश सारण ने बताये जीवन रक्षक नुस्ख़े।
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| पल्लू के राजकीय आदर्श विद्यालय में प्रस्तूति देते बच्चें। Pallu Prime |
पल्लू. कस्बें के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में २६ जनवरी पर गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। कस्बें की सभी शिक्षण संस्थानों ने सामुहिक रूप से इस राष्ट्रीय पर्व को कस्बें की राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में ही मनाया। इसमें कस्बें की संस्थानों में से एमडी कॉलेज पल्लू, राजस्थान कॉलेज पल्लू, मरूधर कॉलेज पल्लू, अंबिका कॉलेज पल्लू, राजकीय प्राथमिक विद्यालय पल्लू, कार्यक्रम में प्रारंभ में प्रधानाचार्य गिरधारी लाल राठी, पल्लू सरपंच लेखराम भांभू, पूर्व पं.स. चंदूराम सिहाग, पूर्व सरपंच धर्मपाल सिहाग, पूर्व सरपंच सत्यनारयण जोशी, पल्लू थाना प्रभारी दिनेश सारण ने इस विद्यालय में ध्वजारोहण कर परेड को सलामी दी। इसके बाद शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर जिसमें कस्बें की विभिन्न संस्थानों से आये विद्यार्थियों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। साथ ही देश भक्ति के रंग में सभी रंगे नजर आये। बीच - बीच में आये मुख्य अतिथियों ने संबोधन भी दिया जिसमें गणतंत्र दिवस की महता एवं विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने वाले विचार रखे। मंच का संचालन वरिष्ठ अध्यापक सांवरमल तनान ने अपने शानदार अंदाज में किया।
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| पल्लू के राजकीय आदर्श विद्यालय में उपस्थित बच्चें।Pallu Prime |
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सरकारी विद्यालय के बच्चों द्वारा पंजाबी सोंग 'फट्टे चक दंयागे' पर शानदार कलाबाजियां की। इन्हें देखकर एसा लग रहा था मानो दिल्ली के लाल किले पर देश के जवान सैनिक अपने करतब दिखा रहे हो। इन्होंने जब हाथ में तिरंगा लेकर एक दुसरे पर चढ़कर मंजिले बनानी शुरू की तो मैदान तालियों को गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। वहीं उसके बाद अंबिका कॉलेज के छात्रों द्वारा लोकतंत्र में पनप रहे जातिवाद और धर्मवाद पर कड़ा प्रहार करते हुए अपना ड्रामा प्रस्तूत किया। जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे अंग्रेज हमारी आपसी फूट को हथियार बनाकर पुरे दौ सौ वर्ष अपने हिंदुस्तान पर राज करके हमें यातनाएं दी। अब उस जैसा समय ना आने पाये इसके लिये हमें अपना राग बदलना पड़ेगा। और आपसी भाईचारें को सौहादऱ् को बनाए रखना होगा। इसलिये जातिवाद से ऊपर उठकर हमें आगे बढऩा होगा। इसके बाद वेलिंयट इंटरनेशनल एकेडमी के नन्हें मुन्नें बच्चों द्वारा राजस्थानी लोग गीत 'कांगसियो' पर अपना नृत्य पेश किया। बच्चों के हुनर के आगे सभी अपने आपको तालियों की गडग़ड़ाहट से नहीं रोक सके। इसके साथ ही देश भक्ति के रंग से सराबोर प्रस्तूतियां प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने दी।
इस कार्यक्रम की खास बात ये थी की यहां मंच पर कोई भी प्रस्तूति पर भामाशाह एम डी कॉलेज चैयरमैन श्रवण खालिया द्वारा १०० रूपये, निकूराम सिहाग द्वारा भी १०० रूपये तथा पूर्व सरपंच सत्यानारायाण जोशी एवं सराज खां जोड़ा द्वारा ५०-५० रूपये नगद पुरस्कार स्वरूप दिये गये। इस प्रकार प्रत्येक प्रस्तूति पर बच्चों को तीन सौ रूपये नगद भामाशाहों द्वारा दिये गये। वहीं कस्बें के भामाशाह निकूराम सिहाग द्वारा पांच हजार रूपयों की टॉफी बच्चों को वितरित की गई। पूर्व सरपंच सत्यनारायण जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें बच्चों की ये प्रस्तूतियां मंत्र मुग्ध कर रही है। इसी प्रकार मन से पढ़ाई कर अपनी मंजिलों को पाये और अपनी संस्थानों व परिजनों को गर्व महसूस करवाये। वहीं पूर्व सरपंच धर्मपाल सिहाग ने बताया कि यह लोकतंत्र का पर्व हमें बहुत कठिनाई के बाद मिला है। यह पर्व हमें हमारें पुराने दिनों की याद दिलाता है। और प्रेरणा देता है तुम लोकतंत्र के प्रहरी हो, आगे बढ़ो.... इसी प्रकार सभी विद्यार्थियों को मन से पढ़ाई करने के लिये प्रेरित किया।
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| पल्लू के राजकीय आदर्श विद्यालय में प्रस्तूति देते बच्चें। Pallu Prime |
फोन की सुरक्षा के स्क्रीन गार्ड जरूरी फिर क्यों जिंदगी की सुरक्षा के लिये हैलमेट लगाते।
थाना प्रभारी दिनेश सारण ने अपने संबोधन में शानदार बात कही। उन्होंने पहले अपने संबोधन में क्षेत्र के प्रतिभाओं के बारें में बताया। उन्होंने टेंपो व ऑडी का उदाहरण देते हूए बताया कि टेंपु पर लिखा होता है ' बूरी नज़र वाले तेरा मुंह काला' और एक आगे और पीछे पुराना जुता टंगाया जाता है। क्योंकि उसे भय है कि कोई बूरी नजर वाला उनकी कमाई को नज़र ना लगा दे। और उसकी सोच वहीं तक सिमित रह जाती है। मगर मंहगी गाडिय़ो पर आपको एसा कुछ नहीं लिखा मिलेगा। इसी प्रकारी आपको भी अपनी सोच के दायरे को बढ़ाना होगा। इसलिये आप पहने अपना आईडल चुनों और फिर लग जाओं आपको कामयाबी जरूर मिलेगी। इसके बाद उन्होने अपनी समस्याओं बखूबी बोलते हुए सम्राट फोन का उदाहरण देकर समझाया कि सभी के पास सम्राट फोन है जिसकी कीमत निश्चित है किसी की पांच हजार हो सकती है तो कोई इससे भी मंहगा होग सकता है। उसकी सुरक्षा के लिये आपने स्क्रीन गार्ड, बैककवर लगा रखा है कि कहीं आपका फोन डिमेज ना हो जाये। मगर आपकी जिंदगी अनमोल है फिर भी आप उसकी सुरक्षा को तरजीह नहीं देते। क्यों भाई ऐसा जिंदगी के साथ दोगला पना क्यों। एक अनमोल वस्तू के बारे में आपको जरा भी फिकर नहीं। अरे आप आठ सौ रूपये खर्च करके ऐक हैलमेट खरीदीये तो आपकी जिंदगी सैफ रहेगी। आप पुलिस के भय से हैलमेट नहीं आप अपनी सुरक्षा के लिये हैलमैट जरूर लगाईये।



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