नई दिल्ली। पीडीपी नेता एवं राज्यसभा सदस्य मोहम्मद फैयाज मीर ने छह साल बाद पीएम नरेंद्र मोदी से एक ऐसी मांग की जिसे पूरा करना मुश्किल है। उन्होंने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु और जेकेएलएफ संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट के अवशेष उनके परिवारों को लौटाने का पीएम से अनुरोध किया। मीर ने यह अपील प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में की है। उन्होंने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया है इससे घाटी में अलगाववाद और हिंसक घटनाओं पर काबू पाने में भी मदद मिलेगी।
असुरक्षा की बात को झुठलाया
पीडीपी सांसद मीर ने पत्र में लिखा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि केंद्र ने गुरु और भट के अवशेष लौटाने का फैसला लिया तो कश्मीरियों में अलगाव की भावना में काफी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे दो कश्मीरियों का शव भारत जैसे लोकतंत्र के लिए खतरा कैसे हो सकता है जिन्होंने अपनी गरिमा फांसी के फंदे पर गंवाई है? क्या भारत का सामूहिक भावना कश्मीरियों के भावनाओं से रहित है।
2013 में दी गई थी फांसी
पीडीपी सांसद ने पत्र में लिखा है मैं गुरु और भट के अवशेष की मांग करने में कुछ भी अनुचित नहीं है क्योंकि पूर्व में निर्वाचित प्रधानमंत्री के हत्यारों की मौत की सजा घटा कर उन्हें फांसी से बचा लिया गया था। बता दें कि अफजल गुरु को संसद पर हमले के मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद नौ फरवरी 2013 को फांसी दे दी गई थी। तिहाड़ जेल में दफना दिया गया था। भट को भी एक गुप्तचर अधिकारी की हत्या के लिए 11 फरवरी 1984 को फांसी देने के बाद तिहाड़ जेल में दफना दिया गया था।
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