नई दिल्ली। मंगलवार को रफाल डील पर मचे सियासी घमासान के बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट लोकसभा और राज्यसभा में पेश कर दी गई है। इसके तत्काल बाद मंगलवार को संसद की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जमकर हंगामा मचाया। एक बार फिर लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेपीसी जांच की अपनी मांग दोहराई। बता दें कि इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर पीएम मोदी पर सीधा हमला बोला है।
जेपीसी जांच का औचित्य नहीं
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले में कुछ बचा नहीं है, लिहाजा जेपीसी जांच कराने का कोई औचित्य नहीं बनता है। इस मसले पर कांग्रेस की मांग बेमानी है।
राष्ट्रपति को भेजी रिपोर्ट
दूसरी तरफ रफाल पर कांग्रेस पार्टी के आरोपों के बीच कैग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को पहले ही भेज दी थी। कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां रफाल डील को लेकर सरकार पर हमलावर हैं। दरअसल, कैग अपनी रिपोर्ट की एक कॉपी राष्ट्रपति के पास और दूसरी कॉपी वित्त मंत्रालय के पास भेजते हैं। बताया गया है कि कैग ने रफाल पर 12 चैप्टर लंबी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। बता दें कि रक्षा मंत्रालय ने रफाल पर विस्तृत जवाब और संबंधित रिपोर्ट CAG को सौंपी थी, जिसमें खरीद प्रक्रिया की अहम जानकारी के साथ 36 रफाल की कीमतें भी बताई गईं थीं।
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