नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से ठीक दो महीने पहले पीएम नरेंद्र मोदी संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बड़ी सियायी लकीर खींचकर चुनावी मुद्दे तय कर दिए हैं। धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब दो घंटे का भाषण उन्होंने दिया। उन्होंने नामदार बनाम कामदार, महामिलावट वाला महागठबंधन, 55 साल बनाम 55 महीने, बीसी और एडी जैसे शब्दबाणों से उन्होंने संसद में विपक्ष मर्माहत करने का काम किया। पीएम ने कॉमनवेल्थ गेम्स, 2जी घोटाला एवं रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम पीछे हटने वाले नहीं है जिन्होंने देश को लूटा है, उन्हें डरना ही होगा। हम भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में संकल्प के साथ आगे बढ़े हैं। इस बात को विपक्ष जितना जल्द समझ ले उतना बेहतर है।
धन्यवाद प्रस्ताव पर भाषण की 10 बातें
1. पीएम ने कहा कि हम पर किसी तरह का बोझ नहीं है। इसलिए जी जान से कालाधन, भ्रष्टाचार के खिलाफ लगे हुए हैं। मोदी ने कहा कि जिन्होंने देश को लूटा है, उन्हें डरना ही होगा। ऐसे लोगों से लड़ने के लिए जिंदगी खपाई है। ऐसे लोगों के मन में डर पैदा करने के लिए जनता ने उन्हें पीएम बनाया है।
2. अपने अहंकार के चलते कांग्रेस 400 से 40 पर आ गई। भाजपा सेवाभाव की वजह से 2 से यहां तक आ गई है। कांग्रेस के पास न गति थी और न ही विजन। उन्होंने BC और AD की भी परिभाषा देते हुए BC को बिफोर कांग्रेस और AD को आफ्टर डायनेस्टी बताया। BC का मतलब बिफोर कांग्रेस...मतलब कांग्रेस से पहले कुछ नहीं था। AD का मतलब आफटर डाइनेस्टी...यानी जो कुछ भी हुआ उनके आने के बाद ही हुआ।
3. भ्रष्टाचार पर वार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि करीब आठ करोड़ लोगों को आधार की व्यवस्था के जरिए बाहर कर दिया। ये लोग दलाली लेते थे और देश को दीमक की तरह चाट रहे थे। बेनामी संपत्ति कानून के बाद अब बेनामी संपत्तियां जब्त हो रही हैं। अब संपत्ति निकल रहीं हैं। इसलिए परेशानी होना स्वाभाविक है।
4. इस सदन के माध्यम से देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि इस संकल्प में हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। चुनौतियां बड़ी हैं, रुकावटें बहुत है। लेकिन रुकावटों से ज्यादा मजबूत हमारा संकल्प है। उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज चेहरे उतरे हुए हैं क्योंकि एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन राजदार पकड़कर लाए गए हैं। उनका परोक्ष संदर्भ क्रिश्चियन मिशेल, दीपक तलवार और राजीव सक्सेना सहित कुछ आरोपियों के विदेश से भारत लाए जाने के संबंध में था। नोटबंदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके बाद तीन लाख फर्जी कंपनियां बंद हो गईं।
5. मोदी ने कहा कि हमने विदेशों से चंदा प्राप्त करने वाले संगठनों से उन्हें मिले अनुदान का हिसाब मांगा। कोई छापा नहीं मारना पड़ा और एक छोटी सी चिट्ठी गई और 20 हजार से अधिक संगठनों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। ये संस्थाएं गांवों से लेकर न्याय तंत्र तक प्रभाव डालने का काम करती थीं। उन्होंने कहा कि गुजरात में सरदार सरोवर बांध का शिलान्यस पंडित नेहरू जी ने किया और मैंने हाल ही में उद्घाटन किया है।
6. सरकार द्वारा पारदर्शी व्यवस्था के तहत काम करने का दावा करते हुए कहा कि जब पारदर्शिता से, ईमानदारी से देश की वायुसेना को मजबूत करने का काम हो रहा है तो कांग्रेस के लोग बौखला जाते हैं।
7. शराब माफिया विजय माल्या जैसे लोगों के बैंकों से कर्ज लेकर विदेश फरार होने का जिक्र करते हुए कहा कि जो भाग गए हैं, वह अब टि्वटर पर रो रहे हैं। वो कह रहे हैं मैं तो 9000 करोड़ रूपए लेकर भागा था, मोदी ने 13 हजार करोड़ रूपए की सम्पत्ति जब्त कर ली। उन्होंने कहा कि लूटने वालों को कानून बनाकर वापस लाने की पहल की है।
8. एनपीए के बारे में कहा कि सत्ता भोग के कारण 2008 से 2014 तक छह वर्षो में बैंक का लोन 18 लाख करोड़ रूपए से बढ़कर 52 लाख करोड़ रूपए हो गया। यह सब फोन बैंकिंग का कमाल था। एनपीए कांग्रेस नीत सरकार 2014 में छोड़ गई थी, उसमें एक पैसा नहीं बढ़ा है। आप जो छोड़कर गए थे, उसका केवल ब्याज बढ़ा है।
9. पीएम मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के कारण ही उन्हें गंदे-गंदे गाली सुनने पड़ते हैं। महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस को बिखेर दो। कांग्रेसमुक्त भारत का सपना मेरा नहीं है, मैं तो महात्मा गांधी का सपना पूरा कर रहा हूं। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के वर्ष पर यह काम पूरा ही करना है।
10. कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों पर वंशवाद की संस्कृति को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। आज ये सब जमानत पर हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की साख पूरे विश्व में है तथा उन्होंने चुनाव आयोग एवं ईवीएम पर सन्देह जताने के लिए कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को आड़े हाथ लिया।
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