नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी से हो चुकी है। 1 फरवरी को केंद्र की मोदी सरकार ने अपना अंतरिम बजट भी पेश कर दिया है। अब सोमवार से बजट सत्र की आम कार्यवाही शुरु होगी। इसको लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है।
कांग्रेस ने अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। ये व्हिप कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को जारी किया है। आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी राज्यसभा सांसदों को पहले ही व्हिप जारी कर चुकी है। इस व्हिप में कहा गया है कि संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस सांसदों की उपस्थिति 4 फरवरी से लेकर 8 फरवरी तक रहे।
माना जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार को घेरने की योजना बना चुकी है, जिसको ध्यान में रखते हुए व्हिप जारी किया गया है।
इससे पहले राज्यसभा सांसदों के लिए जारी किए गए व्हिप के जरिए पार्टी ने नागरिकता संशोधन बिल को लेकर सरकार को घेरने की योजना बनाई है। नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा से पास हो चुका है, जिसे अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
congress party issues three-line Whip for its Lok Sabha MPs, asking them to be present in the House from Monday - 4 February to Friday - 8 February. pic.twitter.com/KiKYwKw0mU
— ANI (@ANI) February 3, 2019
क्या होता है व्हिप
- व्हिप के जरिए किसी भी दल के सांसदों को सदन में अपनी उस्थिति दर्ज कराए जाने का आदेश दिया जाता है। अगर कोई सांसद इसका उल्लंघन करता है तो उसे दल बदल विरोधी अधिनियम के तहत माना जा सकता है, जिससे उसकी सदस्यता रद्द की जा सकती है।
- व्हिप तीन तरह का होता है। एक लाइन का व्हिप, दो लाइन का व्हिप और तीन लाइन का व्हिप।
- इनमें तीन लाइन का व्हिप सबसे कठोर माना जाता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर अविश्वास प्रताव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर किया जाता है। ताकि कोई भी अपना फैसला पार्टी के खिलाफ न ले सके। उल्लंघन पर सदस्यता समाप्त हो सकती है।
- व्हिप को फिलहाल कई लोग लोकतंत्र की मान्यताओं के अनुकूल नहीं मानते। क्योंकि इसमें सदस्यों की अपनी इच्छा नहीं हो पाती है। बल्कि पार्टी के अनुसार काम करना पड़ता है।
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