-सहकारी बैंक के एमडी को ज्ञापन सौंपकर वस्तुस्थिति से करवाया अवगत
हनुमानगढ़. राज्य सरकार की ओर से किसानों की कर्जमाफी को लेकर शिविर लगाने की घोषणा के साथ ही सहकारी बैंक कर्मचारियों ने भी सरकार को चेता दिया है कि वह ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन की मांगों को नजरअंदाज नहीं करें। सोमवार को जैसे ही केंद्रीय सहकारी बैंक का मुख्य कार्यालय खुला, अधिकारी और कर्मचारियों ने एमडी भूपेंद्र सिंह ज्याणी को ज्ञापन सौंपकर मांगों को लेकर अवगत करवाया। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को लेकर गंभीर नहीं हो रही है। इस स्थिति में हम अवकाश के दिन लगने वाले कर्जमाफी शिविर में सहयोग नहीं करेंगे। जिले में कर्जमाफी के पायलट प्रोजेक्ट के तहत नौ फरवरी को लगने वाले कर्जमाफी शिविर में कार्य नहीं करने की चेतावनी दी। बैंक एमडी ने कहा कि मैं आपकी मांगों को सरकार तक पहुंचा दूंगा। इस मौके पर सभी ने वेतन समझौते को लागू करने सहित विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा। यूनियन सचिव जितेंद्रपाल सिंह चौहान, रामावतार सिंह, सीमा सोलंकी, आंकाक्षा, शैलेंद्र गुप्ता, दिनेश कुमार, मुकेश बैरवा, मनीष गांधी, रामकुमार सहारण, संजय दुखाडिय़ा सहित अन्य ज्ञापन देने वालों में शामिल थे।
पहले चरण में ३०६२ को लाभ
फसली ऋण माफी सूचना सत्यापन प्रपत्र में 16 तरह की जानकारी रहेगी। इसमें किसान व उसके पिता के नाम के अलावा मोबाइल नंबर, आधार नंबर, भूमि का ब्यौरा, फसली ऋण का विवरण व कर्ज की वर्तमान स्थिति की जानकारी रहेगी। कर्जमाफी के पायलट प्रोजेक्ट के तहत सात फरवरी को पहला शिविर पक्काभादवा में लगेगा। यहां पचास हजार से दो लाख रुपए तक ऋण लेने वाले ६३३ किसान हैं। केंद्रीय सहकारी बैंक हनुमानगढ़ के एमडी भूपेंद्र सिंह ज्याणी ने बताया कि आठ को लौंगवाला व डबलीराठान, नौ फरवरी को गुरुसर व दुलमाना में शिविर लगाया जाएगा। इसके बाद १४ फरवरी से रेगुलर शिविर लगाने का कैलेंडर जारी कर दिया जाएगा
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