जयप्रकाश गहलोत/बीकानेर. साइबर अपराधियों की ओर से मोबाइल पर ओटीपी एवं एटीएम पिन नंबर पूछकर
रुपए निकालने एवं कार्ड बदल कर पैसे निकालने के मामलों के बाद अब बीकानेर में एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर खातों से रुपए निकालने के मामले भी सामने आने लगे हैं।
ऐसा ही एक मामला 19 जनवरी को नापासर निवासी रोडवेज कर्मचारी अमरचंद दैया पुत्र खींयाराम ने कोटगेट पुलिस थाने में दर्ज कराया। पुलिस ने केस को मॉडल केस के रूप में लेकर स्टडी की और अब आरोपियों तक पहुंच गई है।
कोटगेट थाने से पुलिस टीम आरोपियों की दबिश के लिए दूसरे जिलों व राज्यों में गई हुई है।
कोटगेट पुलिस को एटीएम कार्ड का क्लोन बना कर ठगी करने वाले गिरोह के मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। अभी पुलिस इस मामले की परतें उधेडऩे तक चुप्पी साधे हुए हैं।
पहले सप्ताह में करते हैं ठगी
ठग गिरोह महीने के पहले 10 दिन तक ठगी करते हैं। एक से 10 तारीख तक नौकरी-पेशा वालों के खाते में तनख्वाह और व्यापारियों के खाते में रुपए जमा होते हैं। इन दस दिनों में वे दो-तीन करोड़ की ठगी कर लेते हैं। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में वारदातों को अंजाम देता है।
पकड़ा था ऑनलाइन ठग गिरोह
विदित रहे कि नोखा हाल पूगल फांटा माहेश्वरी छात्रावास के पास रहने वाले नारायण प्रसाद की ओर से पिछले साल नवंबर में कोटगेट पुलिस थाने में दर्ज कराए गए ऑनलाइन ठगी के मामले में गिरोह के 20 सदस्यों को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसके बाद अब एटीएम क्लोन बनाकर ठगी करने वालों का पर्दाफाश करने वाली है।
क्या है कार्ड क्लोनिंग
कार्ड क्लोन यानि डेबिट कार्ड वैसा ही डुप्लीकेट कार्ड तैयार कर इस्तेमाल करते हैं। कार्ड क्लोनिंग की घटनाएं अब सामने आने लगी है। एक यूजर के डेटिब कार्ड का क्लोन तैयार कर दूसरे यूजर में उपयोग ले रहे हैं।
यह हुआ था मामला दर्ज
नापासर निवासी रोडवेज कर्मचारी अमरचंद पुत्र खींयाराम दैया ने 19 जनवरी को कोटगेट पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया।
उसने बताया कि 3 जनवरी को रोडवेज बस स्टैंड के पास स्थित एटीएम से रुपए निकालने गया। रुपए तो नहीं निकले लेकिन रुपए निकलने का मैसेज आ गया। बैंक से संपर्क किया।
एेसे में चार जनवरी को 20 हजार रुपए वापस खाते में आ गए। पांच जनवरी को बैंक खाते से 40 हजार और 20 हजार रुपए एटीएम से विड्रॉल होने का मैसेज आया। परिवादी के मुताबिक तीन जनवरी को रुपए निकालने के दौरान एक मोटा व दुबला-पतला लड़का एटीएम केबिन में आया था।
पुलिस से बचने के लिए नई तरकीब
आरोपी पुलिस से बचने के लिए अब नई तकरीब लगाने लगे हैं। एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर रुपए निकालने वाले एक खाते से दूसरे, तीसरे और चौथे में राशि ट्रांसफर करते हैं। इसके बाद वे राशि को निकाल लेते हैं, जिससे पुलिस गुमराह होती है और वास्तविक आरोपियों तक पहुंचने में समय लग जाता है और वे बच निकलते हैं। साथ ही तब तक वे वारदात दर वारदात को अंजाम देते रहते हैं।
यूं देते हैं वारदात को अंजाम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर ठगी
का शिकार बनाने वाले एटीएम केन्द्रों के आसपास ही खड़े रहते हैं। वे अधिकतर ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोगों को शिकार बनाते हैं। गैंग का एक सदस्य एटीएम केबिन में प्रवेश कर एटीएम मशीन का बटन दबाकर मशीन हैक करता है। ऐसे में ग्राहक के बार-बार प्रयास के बाद भी एटीएम से पैसा नहीं निकल पाता।
तभी दूसरा सदस्य मदद करने के बहाने से ग्राहक का एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करता है और मौका पाकर कार्ड की स्कीनिंग डिवाइस में स्कैन कर लेता है अथवा कार्ड बदलकर उसी बैंक का कार्ड ग्राहक को दे देता है। बाद में एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर एटीएम से पैसे निकालते हैं।
जल्द खुलासा करेंगे
कोटगेट थाने में एटीएम का क्लोन बनाकर खाते से रुपए चोरी करने का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस टीम ने गहनता से जांच कर ली है। पुलिस टीम को सफलता मिली है, जल्द खुलासा करेंगे।
पवन कुमार मीणा, एएसपी सिटी
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