बीकानेर. एटीएम कार्ड का क्लॉन बनाकर लोगों के खाते से रुपए पार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का कोटगेट पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुरुवार को गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने लैपटॉप बरामद किया है। गिरोह ने राजस्थान के अधिकांश शहरों में वारदात करने के साथ दिल्ली व अन्य राज्यों में भी वारदात करना कबूल किया है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली के बलजीतनगर गली नंबर २० निवासी नदीम(३५) पुत्र कलीम हासमी, बिहार के नवादा जिले के गृहोनी निवासी भरत कुमार(३२) पुत्र राज राजेश्वरी कुशवाह एवं बिहार के वजीरगंज जिले के सरवाना निवासी मुकेश(३३) पुत्र राजेन्द्र वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से एक लैपटॉप और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एसपी के अनुसार पुलिस दल काफी समय से गिरोह को दबोचने के लिए लगा हुआ था। निशानदेही पुख्ता होने पर कोटगेट थाने के हवलदार लक्ष्मण व सिपाही आईदान को बिहार के लिए रवाना किया। पुलिस टीम ने तीन को दबोचने में सफलता प्राप्त की है। गिरोह का मुख्य सरगना बिहार के वजीरगंज गया निवासी संतोष यादव एवं महुआ निवासी कमलेश अभी फरार है।
यूं देते हैं वारदात को अंजाम
जांच अधिकारी कन्हैयालाल के अनुसार गिरोह के सदस्य एटीएम बूथों के आसपास खड़े रहते हैं। ग्रामीण अथवा कम पढ़ा लिखा व्यक्ति एटीएम से पैसे निकालने पहुंचता है तो उसे शिकार बनाते हैं। गिरोह का एक सदस्य मशीन का बटन दबाकर हैक करता है। उपभोक्ता एटीएम से पैसा निकालने का प्रयास करता है तो सफल नहीं होता। तभी एटीएम में मौजूद गिरोह का सदस्य एटीएम उपभोक्ता की मदद करने के बहाने से उसका एटीएम कार्ड लेकर अपनी स्कैनर डिवाइस पर कार्ड स्कैन कर लेता है। बाद में उसके एटीएम कार्ड का क्लॉन तैयार कर एटीएम से पैसे निकाल लेते हैं।
इस टीम ने खोली वारदात
गत १९ जनवरी को रोडवेज कर्मचारी अमरचंद ने कोटगेट थाने में अज्ञात के खिलाफ १ लाख ४० हजार रुपए बैंक खाते से चोरी होने का मामला दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने कोटगेट थाने के तत्कालीन प्रभारी वेदप्रकाश लखोटिया के नेतृत्व में टीम गठित की। इसमें उपनिरीक्षक कन्हैयालाल, हवलदार रामचन्द्र, सिपाही भागीरथ एवं साइबर सेल के दीपक यादव शामिल थे।
यूं खुली वारदात
पुलिस टीम की पड़ताल में एटीएम के सीसीटीवी फुटेज खंगाले से पता चला कि आरोपियों ने बीकानेर के दो एटीएम में वारदात की। तीन जनवरी को आरोपी बीकानेर के एक होटल में ठहरे थे। पुलिस ने होटल का रिकॉर्ड चैक किया तो पता चला कि आरोपी फर्जी आइडी से ठहरे थे। उनके पास एचआर नंबर की गाड़ी थी। टोल नाकों के फुटेज चेक करने पर पता चला कि यह गाड़ी हर महीने पहले सप्ताह में राजस्थान के भरतपुर, दौसा, करौली, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, चितौडग़ढ़, राजसमंद, पाली, नागौर, जैसलमेर तथा बीकानेर से सीकर, झुंझुनूं होते हुए दिल्ली जाती है। आरोपियों ने जैसलमेर व फलौदी से क्लॉन किए एटीएम से बीकानेर में पैसे निकाले हैं। वहीं साइबर सेल के दीपक ने हजारों फोन का डाटा चेक कर सुराग लगाया।
पत्रिका ने पहले कर दिया खुलासा
एटीम कार्ड का एक विशेष डिवाइस से स्कैन कर क्लॉन तैयार कर ठगी करने वाले पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। इस बारे में राजस्थान पत्रिका ने दो फरवरी के अंक में 'सावधान! एटीएम क्लोन से हो रहा खाता साफÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर खुलासा किया।
दो बड़ी वारदातें खोली
तत्कालीन एसएचओ वेदप्रकाश लखोटिया के नेतृत्व में कोटगेट पुलिस ने एक ही महीने में दो बड़ी वारदातों का पर्दाफाश किया है। एटीएम क्लॉन बनाकर ठगी करने के अलावा ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। ऑनलाइन ठगी के मामले में २० आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार कर बीकानेर लाए। ऑनलाइन ठगी का मामला पूगल फांटा क्षेत्र के नारायण प्रसाद ने दर्ज कराया था। इसके बाद इसी टीम ने एटीएम क्लॉन बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया।
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