नई दिल्ली। बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा पर किए गए लाठीचार्ज के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। कुशवाहा पर लाठीचार्ज के विरोध में रालोसपा ने 4 फरवरी को बिहार बंद का अहावाहन किया है। वहीं, बिहार महागठबंधन में शामिल तमाम दलों ने रालोसपा के बंद का समर्थन किया है। आपको बता दें कि शनिवार को रालोसपा की ओर से शिक्षा में सुधार की मांग को लेकर निकाले गए आक्रोश मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई थी। इस दौरान पुलिस लाठीचार्ज में रालोसपा प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा सहित कई कार्यकर्ता घायल हो गए थे।
बिहार ट्रेन हादसा: सीमांचल एक्सप्रेस दुर्घटना के बाद, हाजीपुर रूट पर पैसेंजर ट्रेनें रद्द
उधर, महागठबंधन में शामिल दलों ने पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। जबकि सीएम नीतीश कुमार के मंत्री ने उपेंद्र कुशवाहा पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार रालोसपा के कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री कुशवाहा के नेतृत्व में आक्रोश मार्च निकाला था। जेपी गोलंबर से शुरू हुए इस मार्च के डाक बंगला चौराहे के पास पहुंचने पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने मानने से से मना कर दिया और राजभवन की ओर बढ़ने का प्रयास करने लगे। यही नहीं कुछ कार्यकर्ताओं ने हंगामा भी शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने पानी की बौछारें की और कार्यकर्ताओं को कंट्रोल करने का प्रयास किया। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने भी लाठीचार्ज कर दिया।
दिल्ली में बारिश के बाद ठंड ने दिखाया असर, वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब'
इस लाठीचार्ज में उपेंद्र कुशवाहा के सिर और पीठ में चोटें आ गई। बाद में उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि नीतीश सरकार शिक्षा विरोधी है और उसी कारण रालोसपा के आक्रोश मार्च के दौरान पुलिस से लाठियां चलवाई गईं।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2UDQIL0
एक टिप्पणी भेजें