Vinod Goswami Vinod Goswami Author
Title: जिला परिषद की बैठक में राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित खबरों का हवाला देकर सदस्यों ने अफसरों पर दागे सवाल
Author: Vinod Goswami
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-पूरी बैठक के दौरान कई बार सदस्यों ने राजस्थान पत्रिका की खबरें दिखाई अधिकायिों को हनुमानगढ़. जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक गुरुवार को...


-पूरी बैठक के दौरान कई बार सदस्यों ने राजस्थान पत्रिका की खबरें दिखाई अधिकायिों को
हनुमानगढ़. जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक गुरुवार को हंगामे के बीच संपन्न हुई। पूरी बैठक के दौरान जिले की ग्रामीण विकास का सबसे बड़ा सदन सियासी अखाड़ा नजर आया। प्रयागराज में जहां साधु संतों का अखाड़ा लगा हुआ है तो हनुमानगढ़ की जिला परिषद सभागार में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सदन के अखाड़े में विधायकों और सदस्यों ने व्यवस्था सुधार को लेकर खूब जोर आजमाइश की। इस दौरान शाही नाश्ता भी परोसा गया। पहली बार विधायक बनकर आए संगरिया विधायक गुरदीप सिंह शाहपीनी ने मौजूद सदस्यों और अधिकारियों को अपनी तरफ से लड्डू भी खिलाया। बैठक की खास बात यह रही कि जवाबदेही की बारी आने पर सत्ता पक्ष के विधायक नदारद नजर आए। हनुमानगढ़ विधायक चौधरी विनोद कुमार और नोहर विधायक अमित चाचाण दोनों पूरी बैठक के दौरान गायब रहे। जबकि विपक्षी तीनों विधायक ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखी। करीब आठ घंटे तक चली बैठक में भादरा विधायक बलवान पूनियां, संगरिया के गुरदीप शाहपीनी व पीलीबंगा के धर्मेद्र मोची ने अफसरों को निशाने पर रखा। बार-बार सूचना के बावजूद आपणी योजना के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर जिला परिषद सदस्य मंगेज चौधरी व गौरीशंकर थोरी ने बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला प्रमुख कृष्ण चोटिया के समक्ष धरना ही लगा दिया। दोनों इस जिद्द पर अड़ गए कि जब तक आपणी योजना के अधिकारी नहीं आएंगे, तब तक वह नीचे बैठे रहेंगे। इस दौरान विधायकों ने भी समझाइश की। जिस पर वह मान गए। लेकिन निर्धारित समय के गुजर जाने के बाद जब आपणी योजना के अधिकारी नहीं पहुंचे तो दोनों सदस्यों ने फिर से जिला प्रमुख के समक्ष धरना लगा दिया। कुछ सदस्य सदन छोडक़र चले गए। इसके कुछ देर बाद आपणी योजना के एडिशनल चीफ इंजीनियर बैठक में पहुंचे तो धरना लगाने वाले सदस्यों ने गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला प्रमुख कृष्ण चोटिया व कलक्टर जाकिर हुसैन ने सदस्यों की ओर से सदन में रखे गए मुद्दों पर गंभीरता से कार्य कर ग्रामीणों को राहत दिलाने की बात कही। कलक्टर ने कहा कि अपने स्तर पर मैं समस्याओं के निस्तारण के प्रयास में लगा रहता हूं। अब सदस्यों के साथ मिलकर जल्द गांवों के हालात सुधारने का काम करेंगे। एसपी कालूराम रावत, जिला परिषद सीईओ नवनीत कुमार, एसडीएम सुरेंद्र पुरोहित, जिला परिषद सदस्य कृष्ण चंद, दुनीराम, मंजू नैण, सुशीला चौधरी, गौरीशंकर थोरी, रोशनी बेनीवाल, संदीप गोदारा, पंचायत समिति हनुमानगढ़ प्रधान जयदेव भिडासरा, नोहर प्रधान अमर सिंह, जिला उद्योग केंद्र के जीएम हरीश मित्तल, सीएमएचओ डॉ. अरुण चमडिय़ा, पीडब्ल्यूडी के एसई गुरनाम सिंह चौहान, पीआरओ सुरेश बिश्नोई, कृषि विभाग में उप निदेशक जयनारायण बेनीवाल, जल संसाधन विभाग के एक्सईएन रामाकिशन, सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार अमीलाल सहारण सहित अन्य बैठक में मौजूद रहे।

पत्रिका पर विश्वास
जिला परिषद की बैठक में सदस्यों ने पत्रिका में प्रकाशित खबरों को कई बार रखा। सदस्य मंगेज चौधरी ने थानों में खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों की समस्या रखी। एक अन्य सदस्य ने बच्चियों से दुष्कर्म करने के मामलों में संभाग के अव्वल रहने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि ऐसा होगा तो कानून कहां नजर आएगा। इसी तरह नशे के खिलाफ प्रकाशित खबरों के अलावा किसानों के बकाया डिग्गी अनुदान का जिक्र कर कहा कि आखिर सरकार के प्रतिनिधि और अफसर कब संवेदनशील बनेंगे।

डेपुटेशन का कितना रेट
बैठक में रसद, चिकित्सा, पुलिस, जल संसाधन, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी, सहकारिता, देवस्थान आदि विभागों के अधिकारी निशाने पर रहे। विधायकों ने कहा कि अफसर गंभीर नहीं हैं। इसलिए पब्लिक परेशान हो रही है। भादरा में मनमाने तरीके से डॉक्टरों को लगाने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। सीएमएचओ डॉ. अरुण चमडिय़ा से जब एक सदस्य की ओर से पूछा गया कि बताओ डेपुटेशन का कितना रेट कर रखा है। इस बात पर सदन में हंसी फूट पड़ी। इसी तरह सदस्यों ने खाद्य सुरक्षा में राशन घोटाला, गोगामेड़ी मंदिर में सवा करोड़ के गबन, छानीबड़ी समिति में कर्जमाफी योजना की राशि गबन करने, शुभ शक्ति योजना तथा पीएम आवास योजना में बिना प्राथमिकता के चहेतों केा लाभान्वित करने सहित अन्य मामले भी उठाए। इन मामलों की जांच के लिए कमेटी बनाकर निर्धारित अवधि में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। केबिनेट मंत्री नितिन गडकरी के बयान, काम नहीं होते तो पिटते भी हैं का जिक्र कर सदस्य संदीप चौधरी ने कहा कि हम पिटना नहीं चाहते, इसलिए जरूरी है कि अफसर जिम्मेदारी से काम करें।



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