बीकानेर. महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के मदन मोहन मालवीय मूल्य शिक्षा केन्द्र की ओर से बुधवार को विवि परिसर में 'भूमण्डलीकरण एवं गांधीवादी दर्शनÓ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में स्वामी संवित सोमगिरी ने कहा कि पिछली शताब्दी महात्मा गांधी की थी। एेसा व्यक्तित्व संभवतया विश्व में कोई दूसरा नहीं था। आज के वातावरण में गांधी की आवश्यकता गहराई से अनुभव की जा रही है। गांधीवादी दर्शन आज भी प्रासंगिक है।
वर्धमान महावीर खुला विवि के पूर्व कुलपति प्रो. नरेश दाधीच ने कहा कि अगर गांधीवादी दर्शन को क्रियान्वित किया जाए तो भूमण्डलीकरण की सभी बुराइयों से निजात मिल सकती है। निदेशक प्रो. एसके अग्रवाल, कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह, प्रो. बीएल भादानी, प्रो. अनिल धर एवं प्रो. बेला भनोत ने भी विचार रखे। खुले सत्र में डॉ. बबीता जैन, डॉ. ब्रजरतन जोशी, डॉ. नारायण सिंह राव, डॉ. अनिल छंगाणी, डॉ. धर्मेश हरवानी, डॉ. मेघना शर्मा एवं अन्य ने पत्रवाचन किया।
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