बीकानेर. शहर के निराश्रित गोधों की समस्या के समाधान के लिए पूगल रोड स्थित शरह नथानिया में गोशाला की चारदीवारी का काम पूरा हो गया है। चारदीवारी के बाद अब निगम गोशाला में चारा गोदाम, शेड, ट्यूबवेल, बीमार पशुओं को रखने के शेड, पानी की खेलियों को बनाने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए निगम ने शहर के भामाशाहों से सहयोग लेने का मानस बनाया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही कलक्टर की अध्यक्षता में निगम भामाशाहों से चर्चा कर गोशाला के सुनियोजित विकास में सहयोग लेगा। आयुक्त के अनुसार एक करोड़ पांच लाख रुपए की राशि से गोशाला की चारदीवारी और खेलियों का काम हो चुका है। अन्य कार्यों पर करीब एक करोड़ रुपए की राशि और खर्च होने का अनुमान है। वहीं आयुक्त ने गुरुवार को गोशाला के कार्यों की प्रगति जानी। इस दौरान आयुक्त ने भामाशाहों से चर्चा की।
गोधों से मिलेगी राहत
गोशाला के पूरी तैयार होने व इसमें गोधे डालने से शहर की गोधों की समस्या से आमजन को राहत मिलेगी। हालांकि अभी तक गोशाला की केवल चारदीवारी का कार्य ही पूरा हुआ है। पर्याप्त मात्रा में चारा और पानी की व्यवस्था होने के बाद ही यह गोशाला गोधों को रखने के लिए तैयार हो पाएगी। गोशाला का संचालन निगम करेगा अथवा किसी संस्था के माध्यम से करवाएगा, इस पर भी निर्णय होना है।
पॉलीथिन उपयोग रोकने में धर्म गुरुओं का लेंगे सहयोग
शहर में खुलेआम पॉलीथिन के उपयोग को रोकने के लिए अब धर्म गुरुओं का सहयोग लिया जाएगा। विभिन्न धर्म व सम्प्रदाय के धर्म गुरुओं को शहर के विभिन्न क्षेत्रों व वार्डों में पॉलीथिन के उपयोग को रोकने के लिए जनजागृति का गुरु दायित्व सौंपा जाएगा। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि पॉलीथिन के उपयोग से बड़ी संख्या में गोवंश व अन्य पशु बीमार हो रहे है और प्रदूषण भी बढ़ रहा है। अभियान के तहत नगर निगम व जिला प्रशासन की ओर से वार्डों में गो पॉलीथिन रक्षा पात्र रखवाएं जाएंगे। इन पात्रों में पॉलीथिन का संग्रह कर निस्तारण किया जाएगा। पात्र में पॉलीथिन डालने वाले को नैतिक दायित्व अनुसार स्वयं शपथ लेनी होगी कि वह पॉलीथीन का उपयोग नहीं करेगा और पॉलीथिन को रोकने के लिए जन जागृति का प्रयास करेगा।
सुनियोजित तरीके से होगा विकास
शरह नथानिया में सुनियोजित तरीके से गोशाला का विकास होगा। चारदीवारी का काम पूरा हो गया है। चार खेलियां भी बन गई है। तैयार नक्शे के अनुसार गोशाला का विकास हो, इसके लिए भामाशाहों के साथ जल्द बैठक कर गोशाला के विकास में सहयोग लिया जाएगा। गोशाला के पूरी तरह से तैयार होने व गोशाला में गोधे डालने से शहर से गोधों की समस्या समाप्त हो जाएगी।
प्रदीप के गवांडे, आयुक्त, नगर निगम बीकानेर।
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